Friday , December 14 2018
टाटा डोकोमो

अगर आप हैं टाटा डोकोमो यूजर, तो बदल लीजिये अपना सिम, जानें क्यों?

अगर आप ‘टाटा डोकोमो’ के ग्राहक है तो  आप  जल्द ही एयरटेल के उपभोक्ता हो जायेंगे. दूरसंचार कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज का विलय भारती एयरटेल में होगा. इस सौदे को दूरसंचार बाजार में से एक मजबूत संकेत माना जा रहा है. प्रस्तावित सौदे के तहत टाटा टेलीसर्विसेज (टीटीएसएल) व टाटा टेलीसर्विसेज महाराष्ट्र (टीटीएमएल) के चार करोड़ से अधिक ग्राहक भारती एयरटेल में चले जायेंगे.

एयरटेल को चार करोड़ नये ग्राहक मिलेंगे. जो कि वोडाफोन और आइडिया मर्जर से मिल रहे चैलेंज से निपटने में एयरटेल को  मदद मिलेगा. टेलीकॉम इंडस्ट्री के राजन मैथ्यू , डायरेक्टर जनरल सेलुलर ऑपरेटर एसोशिएसन ने कहा कि उपभोक्ता के लिए अच्छी खबर है. उन्होंने बताया कि हम बेहतरीन सर्विस देंगे. खासतौर से 4जी सर्विस के मामले में टाटा डोकोमो के यूजर्स को काफी फायदा होगा क्योंकि एयरटेल 4जी कस्टमर्स के लिए हाल ही में नये आफर्स की घोषणा की थी.

बच जायेगी कर्मचारियों की नौकरी 

टाटा डोकोमो के कर्मचारियों को भी इस मर्दजर से फायदा होगा. इससे पहले खबर आ रही थी कि टाटा टेलीसर्विसेज 5000 कर्मचारियों को बाहर निकालने का मन बना चुकी है. कंपनी ने पुराने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृति की घोषणा की थी. इनमें से कई कंपनियों के छह महीने का वेतन देकर निकालने का प्लान भी  शामिल था.

सौदे के बारे में नियामकीय मंजूरी ली जानी है. उल्लेखनीय है कि टाटा समूह की कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज मोबाइल टेलीफोन कारोबार से निकलते हुए अपनी वित्तीय दिक्कतों पर पार पाने की कोशिश दोनों कंपनियों ने एक साझा बयान में कहा है कि यह सौदा कोई ऋण नहीं-कोई नकदी नहीं आधार पर किया है. यानी एयरटेल इसमें टाटा टेलीसर्विसेज के 40,000 करोड़ रुपये के कर्ज में कोई हिस्सेदारी नहीं करेगी और न ही नकदी का भुगतान करेगी.

टाटा डोकोमो

यहां तक कि टीटीएसएल द्वारा खरीदे गये स्पेक्ट्रम के लिए 9,000-10,000 करोड़ रुपये के विलंबित भुगतान में से 70-80 प्रतिशत हिस्से का भुगतान भी टाटा करेगा. भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने इस सौदे को भारतीय मोबाइल उद्योग के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम करार दिया है. उन्होंने कहा कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम अधिग्रहण से आकर्षक कारोबारी प्रस्थापना बनेगी.

वहीं, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा है कि यह समझौता टाटा समूह व इसके भागीदारों के लिए श्रेष्ठ व सबसे बेहतर समाधान है. उन्होंने कहा है कि अनेक विकल्पों पर विचार के बाद एयरटेल के साथ यह समझौता किया गया है.उल्लेखनीय है कि भारतीय दूरसंचार उद्योग विलय व अधिग्रहण के जरिये एकीकरण की राह पर है तथा विश्लेषकों का मानना है कि इस सौदे से इस प्रक्रिया को और बल मिलेगा. इसी साल मार्च में वोडाफोन इंडिया व आइडिया सेल्यूलर ने विलय की घोषणा की थी. भारती एयरटेल इस सौदे के तहत 19 दूरसंचार सर्किलों में टाटा सीबीएम के परिचालन का खुद में विलय करेगी.

इस विलय से 1800, 2100 व 850 मेगाहर्ट्ज बैंड में भारती एयरटेल का स्पेक्ट्रम पूल 178.5 मेगाहर्ट्ज बढ़ेगा. भारती एयरटेल, टाटा संस, टीटीएसएल व टीटीएमएल के बोर्डों ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है. इसके अनुसार, टाटा व भारती एयरटेल सहयोग के अन्य साझे क्षेत्रों पर भी विचार करेंगी.

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