Friday , December 14 2018
लखपति

अगर है ये एक रुपये वाला सिक्का, तो बन सकते हैं लखपति

पैसा, ऐसा चीज जो हार कोई चाहता है उसके पास हो. ज्यादतर लोग पैसा कमाने के लिए शॉर्टकट रास्ते के तलाश में रहते हैं. लेकिन अकसर ऐसा हो नहीं पता और जो पैसे होते हैं उसे भी वो गंवा देते हैं. लेकिन हम आप सभी के लिए एक ख़बर लेकर आए हैं जो आपको लखपति बना सकता है.

तो बात कुछ ऐसी है कि क्या आपके पास ऐसा कोई सिक्का है जो विन्टेज हो. सिर्फ़ ऐसे किसी सिक्के की कीमत 3 लाख रुपये तक की हो सकती है. जी हां, चौकिए मत. आंध्र प्रदेश में एक क्वाइन स्टॉल लगाने वाले कारोबारी के पास ऐसे ही कुछ सिक्कों का कलेक्शन है, जिसे उन्होंने 3 लाख रुपये में बेचा. अगर आपके पास भी ऐसे विन्टेज सिक्के हैं तो आप भी उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर बेच कर रातो-रात लखपति हो सकते हैं.

कौन बेचता है?

आंध्र प्रदेश के रहने वाले बी चंद्रशेखर रोड के किनीरे ऐसे ही सिक्कों का अपना स्टॉल लगाते हैं. वह यह स्टॉल वर्ल्ड तेलगु कॉन्फ्रेंस के सामने लगाते हैं. वर्ल्ड तेलगु कॉन्फ्रेंस में होने वाली एग्जीबिशन के दौरान लोग उनकी स्टॉल पर इस तरह के सिक्कों की खरीदारी के लिए आते हैं. यहीं से उनकी आमदनी होती है. यहां एक सिक्के की कीमत 3 लाख रुपए तक पहुंच सकती है.

आख़िर क्या थी सिक्के की ख़ासियत?

बी चंद्रशेखर ने जो एक रुपए का सिक्का 3 लाख रुपए में बेचा था उसकी खासियत थी कि उसे 1973 में मुंबई मिंट में ढाला गया था. मुंबई मिंट भारत की सबसे पुरानी मिंटों में से एक है. इसका निर्माण अंग्रेजों ने किया था. उस वक्त भी मुंबई अंग्रेजों के आर्थिक पहलुओं के लिहाज से अच्छा क्षेत्र था. यहां के बने सिक्कों पर डायमंड शेप का डॉट बना होता है.

चंद्रशेखर ने एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उनके पास 65 साल पहले मिंट हुए सिक्कों से लेकर तमाम ऐसे सिक्के हैं, जो स्मारक या ऐतिहासिक हैं.

2 लाख रुपये में बेचा एक और सिक्का

बी चंद्रशेखर ने उसी दौरान 1 रुपये का एक और सिक्का 2 लाख रुपये में बेचा था. यह सिक्का 1985 का था, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तस्वीर छपी थी. इस सिक्के को कोलकाता मिंट में ढाला गया था. इसके अलावा, दो आने और 50 पैसे का सिक्का भी उन्होंने बेचा. जिसके लिए उन्हें 70 हजार और 60 हजार रुपए मिले.हैदराबाद मिंट साल 1903 में हैदराबाद के निज़ाम की निगरानी में स्थापित किया गया था. साल 1950 में भारत सरकार ने इसे अपने अधिकार में ले लिया था.

टूटे डायमंड का चिन्ह

सिक्के में अंकित तारीख के नीचे एक टूटा डायमंड नज़र आता है. ये चिन्ह हैदराबाद मिंट का चिन्ह है. हैदराबाद मिंट की शुरुआत में स्टार मार्क का इस्तेमाल किया गया. बाद में इसे बदल कर डायमंड शेप में लाया गया और उनमें से कुछ सिक्के में टूटा डायमंड भी शामिल है.

तो भैया हम जानते हैं कि आपकी दादी या नानी ने भी ऐसे कई सिक्के उनकी तिजोरी और अलमारी में सहेज कर ज़रूर रखे होंगे. तो सोच क्या रहे हो? उनको विश्वास में लो, और हो जाओ लखपति! आख़िर ऐसे मौके बार-बार थोड़े न आते हैं.

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