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सचिन तेंदुलकर

8 साल बाद एक बार फिर करीब आए सचिन और विनोद कांबली

नई दिल्ली: सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की दोस्ती के बारे में तो हर कोई जानता है, दोनो की दोस्ती को किसी मूवी की कहानी से कम नहीं है. इसका कारण है दोनों की दोस्ती में हुए उतार-चढ़ाव.

ऐसे ही आठ साल पहले विनोद कांबली ने सचिन तेंदुलकर ने साथ अपनी दोस्ती को यह कहकर खत्म कर दिया था किव उनके खराब वक्त में उनके करीबी दोस्त ने कोई मदद नहीं की थी.

विनोद कांबली की इस बात को सुनकर सचिन बेहद आहत हुए थे और इस वजय से उन्होंने 2013 में जब क्रिकेट को अलविदा कहा था तो भी अपनी फेयरवेल स्पीच में भी कांबली का कोई जिक्र नहीं किया था. और इससे यह बात साफ हो गई थी कि दोनों के बीच दोस्ती टूट गई है.

लेकिन एक बार फिर से बचपन के ये दोनों क्रिकेट दोस्त सारे भेदभाव मिटा कर साथ आ गए हैं. हाल में हुए एक किताब के विमोचन के इवेंट में कांबली ने बताया कि जी हां, हम दोनों के बीच सारे भतभेद खत्म हो गए हैं और सब कुछ ठीक है. मुझे खुशी है कि हम दोनों दोबारा करीब आ गए हैं. हम दोनों ने एक दूसरे को हग किया. हम लोगों से कहना चाहते हैं, हम वापस दोस्ती के ट्रैक पर हैं.

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बता दें कि 2009 में भी विनोद कांबली ने कहा था कि सचिन और मैं एक -दूसरे के बेहद करीब थे और है.

बता दें कि 2009 में भी कांबली ने कहा था, हां हम एक दूसरे के बेहद करीब हैं…बेहद करीब थे. सचिन ने मेरे लिए जितना किया वे उससे कहीं ज्यादा कर सकते थे. तेंदुलकर कांबली की इस टिप्पणी से काफी आहत हुए थे.

इस बात का अभी पता नहीं चल सका है कि कैसे इन दोनों खिलाड़ियों के बीच वापिस से दोस्ती हो गई. साथ आने के सवाल पर हालांकि विनोद कांबली ने कहा, हम दोनों आपसी सहमति से फिर से एक हो गए हैं.

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बता दें कि दोनों क्रिकेटर्स ने जब अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो विनोद कांबली को हमेशा सचिन तेंदुलकर से ज्यादा प्रतिभाशाली बल्लेबाज माना जाता था.

लेकिन शुरुआती सफलता के बाद विनोद कांबली अपनी इस प्रतिभा को भुना नहीं सके और और सफलता के मामलें में सचिन से काफी पीछे छूट गए.

विनोद कांबली ने सच का सामना नाम के एक रिएलिटी शो में कहा था कि सचिन तेंदुलकर ने कभी उतना नहीं किया जितना वो कर सकते थे. उन्होंने आगे कहा कि सचिन तेंदुलकर अगर चाहते तो उनका करियर और लंबा हो सकता था.

वहीं सचिन तेंदुलकर ने भी एक इंटरव्यू में कांबली के बारे में पूछे जाने पर जवाब देने से इंकार कर दिया था. और इसके बाद दोनों के रिश्तों में और ज्यादा दूरियां आ गई थी.

बता दें कि 23 फरवरी, 1988 को संत जेवियर्स स्कूल के खिलाफ शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल की तरफ से खेलते हुए सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने 664* रनों की वर्ल्ड रिकॉर्ड साझेदारी की थी.

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